Best 50 ओशो रजनीश के सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक सुविचार | Osho Quotes in Hindi

ओशो रजनीश के सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक सुविचार

ओशो के नाम से प्रसिद्ध रजनीश चन्द्र मोहन का जन्म 11 दिसम्बर सन 1931 को मध्य प्रदेश के रायसेन जिले कुचवाडा गांव में हुआ था. इनके पिता का नाम श्री बाबूलाल और माता का नाम सरस्वती जैन था. चन्द्र मोहन अपने परिवार के 11 संतानों में पहली संतान थे. osho ने अपने विचारों से न सिर्फ भारतियों को प्रभावित किया बल्कि पूरी दुनियां को धार्मिक रूढ़िवादीता से हटकर एक नई सोच प्रदान की.  इसलिए osho को 20 वी सदी के एक महान विचारक के तौर भी जाना जाता है.  आज भी osho के विचारो को गहराई से सुना और समझा  जाता है. ओशो रजनीश के सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक सुविचार   Osho एक आध्यात्मिक गुरु थे. उन्होंने देश और विदेशो में प्रवचन दिए. इन्होने प्रसिद्ध धर्मो की व्याख्या की. इनका मानना था कि प्यार और खुशी जीवन के प्रमुख आधार है. सन 1960 में वे ‘आचार्य रजनीश’ और सन 1970 में वे भगवान श्री रजनीश ओशो के नाम से प्रसिद्ध हुए. इनके शिष्यों ने अमेरिका में रजनीशपुरम की स्थापना की. इनकी मृत्यु 19 जनवरी सन 1990 को हुई.

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ओशो रजनीश के सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक सुविचार – osho quotes in hindi

  1. ओशो रजनीश के सुविचार- ध्यान सिर्फ एक वाहन है, बहिर्मुखी व्यक्ति अगर ध्यान में उतरे तो वह ब्रम्हा की यात्रा पर, कास्मिक जनी पर निकल जाएगा, जहा सारा अखण्ड जगत उसे अपना ही स्वरुप मालूम होने लगेगा. अगर अन्तर्मुखी व्यक्ति ध्यान के वाहन पर सवार हो तो अंतर यात्रा पर निकल जाएगा, शून्य में और शून्य में और महाशुन्य में जहा सब बबूले फुट कर मिट जाते है और अस्तित्व का महासागर ही शेष रह जाता है.
  2. ओशो रजनीश के सुविचार- अगर तुम फूल से प्यार करते हो तो उसे मत तोड़ो, अगर तोड़ोगे तो वह मर जाएगा फिर तुम उसे  प्यार नही कर सकते, अगर प्यार करते हो तो फूल को लगा रहने दो, प्यार कब्जा करने का नाम नहीं है प्यार सराहना करने का नाम है….
  3. जब तक आदमी सृजन की कला नहीं जानता तब तक अस्तित्व का अंश नहीं बनता.
  4. दुख गहराई देता है, सुख ऊंचाई देता है। दुख जड़ देता है, सुख शाखाएँ देती हैं, सुख पेड़ की तरह आसमान की तरफ ले जाता है, दुख जड़ की तरह ज़मीन की  और ले जाता है. जिन्दगी में दोनों ज़रूरी हैं जितना ऊंचा पेड़ होगा उतनी नीचे जड़े होंगी…
  5. अगर आप सत्य देखना चाहते हैं तो न सहमती में राय रखिये और न असहमति में.
  6. बने. बनने की कोशिश न करें.  इन दोनों शब्दों के भीतर मे तुम्हारी पूरी ज़िंदगी संतुलित है.  हो जाना ज्ञान है, होना अज्ञान है।
  7. जीवन का कोई महत्त्व नही है. खुश रहो! फिर भी जीवन का कोई महत्त्व नही होंगा. नाचो, गाओ, झुमो! फिर भी जीवन का कोई महत्त्व नही होंगा. आपको विचारशील (Serious) बनने की जरुरत है. ये एक बहोत बड़ा मजाक होंगा.
  8. जीवन एक उद्देशहीन खेल है, ये एक अनगिनत सेनाओ का खेल है – जो सुन्दर होंगा यदि आपके पास सफल इंसान का दिमाग ना हो तो और बदसूरत होंगा यदि आपके पास कुछ बनने की चाह हो तो.
  9. दोस्ती पवित्र प्यार है.  यह प्रेम का उच्चतम रूप है जहां न कोई सवाल होता है और न कोई शर्त, जहां सभी को केवल आनंद मिलता है
  10. आपके सारे विश्वास आपका दम घोटते चले जाते है (विकास रोकना) और सारे विश्वास आपको जिंदा भी नही रख सकते. आपका विश्वास ही आपके जीवन को मारता है.
  11. किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है. आप स्वयं में जैसे भी हैं एकदम सही हैं. खुद को स्वीकार करिए
  12. जब डर  समाप्त  होता है वहां  ज़िंदगी शुरू होती है…
  13. जीवन एक उद्देशहीन खेल है, ये एक अनगिनत सेनाओ का खेल है – जो सुन्दर होंगा यदि आपके पास सफल इंसान का दिमाग ना हो तो और बदसूरत होंगा यदि आपके पास कुछ बनने की चाह हो तो.
  14. सवाल यह नहीं है कि कितना सीखा जा सकता है बल्कि इसके उलट, सवाल यह है कि कितना भुलाया जा सकता है.
  15. सच्चाई वह नहीं है जिसे बाहर खोजा जा सके .  यह अंदर की कुछ चीज़ है जिसका हमें एहसास  होना चाहिए।
  16. आधे-अधूरे ज्ञान के साथ कभी आगे ना बढे. ऐसा करने पर आपको लगेंगा की आप अज्ञानी हो, और अंत तक अज्ञानी ही बने रहोंगे.
  17. दोस्ती शुद्ध प्रेम है. यह प्रेम का सर्वोच्च रूप है जहाँ कुछ भी नहीं माँगा जाता, कोई भी शर्त नहीं होती, जहां बस देने में आनंद आता है.
  18. मुझे इस दुनिया से प्यार है क्योंकि यह अपूर्ण है। यह अपूर्ण है, और यही कारण है कि यह बढ़ रही है; अगर यह पूर्ण होती  तो यह मर चुकी होती.
  19. अज्ञानी बने रहना अच्छा है, कम से कम अज्ञान तो इसमें आपका होता है. ये प्रामाणिक है, यही सच, वास्तविकता और इमानदारी है.
  20. यहाँ कोई भी आपका सपना पूरा करने के लिए नहीं है. सभी व्यक्ति अपनी तकदीर और अपनी हक़ीकत बनाने में लगे है.
  21. अपने आप को अवश्य खोजें, अन्यथा आपको अन्य लोगों की राय पर निर्भर होना होगा जो खुद को भी नहीं जानते ।
  22. यदि आप प्यार से रहते हो, प्यार के साथ रहतो हो, तो आप एक महान जिंदगी जी रहे हो, क्योकि प्यार ही जिंदगी को महान बनाता है.
  23. कुछ भी चुनाव मत करिए. जीवन को ऐसे पनाये जैसे वो अपनी समग्रता में है
  24. अपनी विशिष्टता का सम्मान करें,, अपनी तुलना दुसरो से  न करें. खुद से संतुष्ट रहे …
  25. जब मै ये कहता हु की तुम ही भगवान हो तुम ही देवी हो तो मेरा मतलब यह होता है की तुम्हारी संभावनाये अनंत है और तुम्हारी क्षमता भी अनंत है.
  26. समर्पण तो वह करता है, जो कहता है की मेरे पास तो कुछ भी नहीं है, मै तो कुछ भी नहीं हु – जो दावा कर सकू की मुझे मिलना चाहिए. मै तो सिर्फ प्रार्थना कर सकता हु, मै तो सिर्फ चरणों में सिर रख सकता हु,मेरे पास देने को कुछ भी नहीं है.
  27. असली सवाल यह है की भीतर तुम क्या हो ? अगर भीतर गलत हो, तो तुम जो भी करगे, उससे गलत फलित होगा. अगर तुम भीतर सही हो, तो तुम जो भी करोगे, वह सही फलित होगा.
  28. जब ज्यादा जागरूक हो जाते हो तो चाहत खत्म हो जाती है, जब पूरी जागरूकता आ जाती है तो कोई चाहत नही रहती…
  29. जो विचार के गर्भाधान के विज्ञान को समझ लेता है वह उससे मुक्त होने का मार्ग सहज ही पा जाता है.
  30. उस तरह से मत चलिए जिस तरह डर आपको चलाये. उस तरह से चलिए जिस तरह प्रेम आपको चलाये. उस तरह चलिए जिस तरह ख़ुशी आपको चलाये.
  31. समर्पण तो वह करता है, जो कहता है की मेरे पास तो कुछ भी नहीं है, मै तो कुछ भी नहीं हु – जो दावा कर सकू की मुझे मिलना चाहिए. मै तो सिर्फ प्रार्थना कर सकता हु, मै तो सिर्फ चरणों में सिर रख सकता हु,मेरे पास देने को कुछ भी नहीं है.
  32. आरामदायक और आसान ज़िंदगी असली ज़िंदगी नही होती, ज्यादा आराम कम ज़िंदा रहने का एहसास दिलाता है. सबसे आरामदायक जीवन कब्र में है
  33. वह इंसान जो अकेले रहकर भी खुश है असल में वही इंसान कहलाने योग्य है. यदि आपकी ख़ुशी दूसरो पर निर्भर करती है तो आप एक गुलाम हो. अभी आप पूरी तरह से मुक्त नही हुए हो अभी आप बंधन (गुलामी) में बंधे हो.
  34. अगर आप खुद से प्यार करते हैं, तो आप दूसरों से प्यार करते हैं, यदि आप अपने आप से नफरत करते हैं, तो आप दूसरों से नफरत करते हैं.  दूसरों के साथ संबंध  आपका ही दर्पण होता है…
  35. आत्महत्या आपको कही नही ले जाती. साधारणतः यह हमें हमारी चेतना (गर्भाशय) में छोटे रूप (स्तर) में ले जाती है. क्यू की आत्महत्या से ये साबित होता है की हम बड़े रूप (स्तर) में जीने के काबिल नही है.
  36. वह इंसान जो भरोसा करता है वह जिंदगी में आराम करता है. और वह इंसान जो भरोसा नही करता वह परेशान, डरा हुआ और कमजोर रहता है.
  37. आपका स्वर्ग और आपकी ख़ुशी हमेशा कही ना खी होती ही है. ये कभी वहा नही मिलेंगी जहा आप हो. एक सच्ची ख़ुशी हमेशा ‘यहाँ’ होती है, और ‘अभी’ होती है.
  38. आपका दिल ही आपका सबसे बड़ा शिक्षक है, आपको उसी की सुननी चाहिये. लेकिन जीवन की यात्रा में आपका अंतर्ज्ञान ही आपका शिक्षक होता है.
  39. एक बच्चे को विशाल एकांतता की जरुरत होती है, उसे ज्यादा से ज्यादा एकांतता में रहने देना चाहिये, ताकि वह अपनेआप को विकसित कर सके.
  40. अपने रिश्ते में हमेशा सुखद रहे, तन्हाई में हमेशा सतर्क रहे. ये दोनों बातो आपके लिए हमेशा मददगार साबित होंगी क्योकि ये बाते एक पक्षी के दो पंखो के समान है.
  41. सिर्फ आपके पाप ही आपको दुखी कर सकते है. जो आपको अपने आप से दूर ले जाने की कोशिश करते है, ऐसी चीजो को अनदेखा करना ही बेहतर होंगा.
  42. ओशो रजनीश के सुविचार- जिस दिन आप ने यह सोच लिया कि आपने ज्ञान पा लिया है, आपकी मृत्यु हो जाती है क्योंकि अब ना कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज. अब आप एक मृत वाला जीवन जीयेंगे.
  43. ओशो रजनीश के सुविचार- दर्द से बचने के लिए, लोग  सुख से बचते हैं. मृत्यु से बचने के लिए, वे जीवन से बचते हैं
  44. ओशो रजनीश के सुविचार- जेन एकमात्र वह धर्म है जो एकाएक आत्मज्ञान सीखाता है. इसका कहना है कि आत्मज्ञान में समय नहीं लगता, ये बस कुछ ही क्षणों में हो सकता है.
  45. ओशो रजनीश के सुविचार- केवल एक चीज जो जीवन में महत्वपूर्ण है, वह है  खुद के बारे में आपकी राय.
  46. अर्थ मनुष्य द्वारा बनाये गए हैं क्योंकि आप लगातार अर्थ जानने में लगे रहते हैं इसलिए आप अर्थहीन महसूस करने लगते हैं.
  47. प्रसन्नता सदभाव की छाया है, वो सदभाव का पीछा करती है. प्रसन्न रहने का कोई और तरीका नहीं है
  48. अधिक से अधिक भोले, कम ज्ञानी और बच्चों की तरह बनिए. जीवन को मजे के रूप में लीजिये क्योंकि यही वास्तविकता में जीवन है.
  49. जीवन से  कभी मायूस न हो.  यह जीवन नहीं है जो आपको निराश कर रहा है, यह आप ही हैं जो जीवन की नहीं सुन रहे हैं।
  50. ओशो रजनीश के सुविचार- तथा कथित बुद्धिमान से ज्यादा अच्छा मूर्ख होता है. वे आज में रहते हैं और जानते हैं कि वे  बेवकूफ हैं, इसलिए वे चिंतित नहीं होते  कि दूसरे उनके बारे में क्या सोंच  रहे है|
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